बचत प्लस स्कीम से जुड़ी 8 महत्वपूर्ण बातें

बचत प्लस स्कीम से जुड़ी 8 महत्वपूर्ण बातें
- भारत में बीमा करने वाली भारतीय जीवन बीमा कंपनी ने अपने ग्राहकों के लिए बचत प्लस नाम से एक स्कीम शुरु की हैं। जो एलआईसी के ग्राहकों के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण होने बाली है। आज हम आपको इस अपने इस लेख एलआईसी के द्वारा शुरू कि बचत प्लस क्या है? और इस स्कीम से जुड़ी 8 खास बातें बताने जा रहे हैं। जिनके बारे में आपको जान लेना बहुत जरूरी हैं। तो चलिय जानते हैं -

बचत प्लस स्कीम क्या हैं?

बचत प्लस स्कीम एलआईसी बीमा कंपनी के द्वारा की एक सुरक्षा और बचत करने की सुविधा हैं। इस योजना की परिपवक्ता 5 साल निर्धारित की गई हैं। इस बीमा स्कीम में अगर पॉलिसी की दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है तो मृतक व्यक्ति के परिवार को समय से पहले बीमा राशि उपलब्ध कराती हैं। इस योजना की न्यूनतम राशि एक लाख और अधिकतम राशि कितनी भी हो सकती हैं।

Read More - पोस्ट ऑफिस के जरिए प्रतिमाह ₹2000 जमा करके 1.39 लाख रूपए का रिटर्न कैसे प्राप्त करें?

बचत प्लस स्कीम से जुड़ी 8 महत्वपूर्ण बातें

बचत प्लस स्कीम सके जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें जो नींचे दी गयी हैं। आपको इनके बारे में जरूर पढ़ लेना चाहिए।

प्रीमियम पेमेंट के दो विकल्प

इस स्कीम में सिंगल प्रीमियम प्लान और लिमिटेड प्रीमियम प्लान जैसे दो पयेमेंट के विकल्प दिए गए हैं। पहले सिंगल प्लान में मृतक व्यक्ति को चुने के गए प्लान के अनुसार 10 गुना टैबुलर प्रीमियम और दूसरे लिमिटेड प्रीमियम प्लान में टैबुलर प्रीमियम का 1.25 गुना पेमेंट का भुगतान किया जाएगा।

प्रीमियम प्लान

भारतीय जीवन बीमा कंपनी ने इस स्कीम के अंतर्गत प्रीमियम प्लान न्यूनतम ₹100000 पॉलिसी निर्धारित की हैं। बाकी अधिकतम सीमा के कोई राशि निर्धारित नहीं की गई है।

डेथ बेनिफिट

बचत प्लस स्कीम के पहले लिमिटेड प्रीमियम प्लान के अंतर्गत पॉलिसी धारक की मौत पर इंश्योरेंस का 10 गुना पेमेंट तथा दूसरे विकल्पों में 7 गुना तक का पेमेंट भुगतान किया जाता है।

मैच्योरिटी की अवधि

बचत प्लस स्कीम की मैच्योरिटी की अवधि एलआईसी कंपनी ने 5 साल तक रखी है। अगर किसी कारण पॉलिसी धारक की मृत्यु पॉलिसी अवधि से पहले हो जाती है तो मेच्योरिटी अवधि से पहले एलआईसी कंपनी मृतक के परिवार को वित्तीय समर्थन राशि प्रदान करेगी।

सर्वाइवल बेनिफिट

इस स्कीम में अगर कल सुधारक के द्वारा लगातार 5 साल तक भुगतान किया गया है और मेच्योरिटी के समर्थक पॉलिसी धारक जीवित है तो उसे एकमुश्त राशि कंपनी की तरफ से उपलब्ध कराई जाएगी।

लोन की सुविधा

बीमा कंपनी ने अपने पॉलिसी धारक ग्राहकों के लिए इस स्कीम में लोन लेने की भी सुविधा उपलब्ध कराई हैं। जरूरत पड़ने पर पॉलिसी धारक कंपनी से लोन भी ले सकते हैं।

बचत प्लस स्कीम

पचक प्लस स्कीम में सेक्शन 80c के अंतर्गत 44 साल तक के लोग टैक्स बेनेफिट का लाभ भी ले सकते हैं।

एंट्री की उम्र सीमा

इस स्कीम में सिंगल प्रीमियम और लिमिटेड प्रीमियम प्लान के तहत मिनिमम इंट्री उम्र 90 दिन निर्धारित की गई हैं। वहीं लिमिटेड प्रीमियम प्लान के पहले और दूसरे ऑप्शन में अधिकतम उम्र 44 साल और दूसरे में। 70 साल निर्धारित की गई है। 


Post a Comment

Previous Post Next Post